‘ड्यूटी पर हूं… क्या बाबा बुलाएंगे?’— मन में उठा सवाल और मंच से मिल गया जवाब, ASI की आंखें भर आईं

‘ड्यूटी पर हूं… क्या बाबा बुलाएंगे?’— मन में उठा सवाल और मंच से मिल गया जवाब, ASI की आंखें भर आईं

मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद ब्लॉक स्थित शिवराजपुर में आयोजित बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के दौरान एक ऐसा भावुक क्षण सामने आया, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भीतर तक छू लिया। यह पल न किसी नेता का था, न किसी अभिनेता का— बल्कि सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक साधारण पुलिसकर्मी का था।

दरबार में आमतौर पर श्रद्धालु अपनी अर्जी लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार खाकी वर्दी में तैनात एएसआई सुरेंद्र कुमार भी बाबा की दृष्टि से ओझल नहीं रह सके। वे सतना जिले के धारकुंडी थाना में पदस्थ हैं और कथा पंडाल में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मन में सवाल उठा… और मंच से नाम पुकारा गया

ड्यूटी के दौरान एएसआई सुरेंद्र कुमार मंच पर विराजमान धीरेंद्र शास्त्री को देख रहे थे। उनके मन में एक हल्का सा विचार आया—

“इतनी भीड़ है, मैं ड्यूटी पर हूं… क्या बाबा मुझे बुलाएंगे?”

हैरानी की बात यह रही कि जैसे ही यह विचार उनके मन में आया, मंच से बाबा ने इशारे में उन्हें अपने पास बुला लिया। हजारों की भीड़ के बीच अचानक वर्दीधारी पुलिसकर्मी को मंच की ओर जाते देख पूरा पंडाल स्तब्ध रह गया।

धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्कुराते हुए कहा—

“तुम यही सोच रहे थे न कि बाबा बुलाएंगे या नहीं?”

इतना सुनते ही एएसआई भावुक हो गए। कांपती आवाज में उन्होंने कहा—

“महाराज जी, विश्वास तो था… लेकिन संशय भी था। आपने मन की बात सुन ली।”

बेटी की बीमारी का जिक्र, बिना बताए

जब बाबा ने उनकी समस्या पूछी, तो एएसआई ने अपनी बेटी की तबीयत का उल्लेख किया। इसके बाद बाबा ने पर्चा पढ़ना शुरू किया और बिना किसी जानकारी के उनकी बेटी की बीमारी का पूरा विवरण सामने रख दिया।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा—

“तुम बेटी का विषय लेकर आए हो। उसे फिट की समस्या है, झटके आते हैं। दो-तीन बार हुआ है। दिमाग में हल्की समस्या है, लेकिन पूरी तरह ठीक होगी। यह दोबारा नहीं लौटेगा। बालाजी का आशीर्वाद है।”

मंत्र भी, मेडिकल भी

बाबा ने साफ शब्दों में कहा कि मंत्र चिकित्सा के साथ-साथ डॉक्टर की सलाह भी जारी रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि झाड़ा दरबार के बाद बच्ची को पूर्ण आराम मिलेगा।

‘एक-एक शब्द सच है’— भावुक ASI का बयान

पर्चा सुनते ही एएसआई सुरेंद्र कुमार खुद को रोक नहीं पाए। माइक पर उन्होंने कहा—

“महाराज जी ने जो कहा, वह सौ प्रतिशत सच है। बेटी के साथ यही हुआ है। ड्यूटी पर होने के कारण मन में शंका थी, लेकिन आपने बुला लिया।”

उनकी बात पूरी होते ही पंडाल बालाजी महाराज के जयकारों से गूंज उठा। यह क्षण कथा का सबसे भावुक और चर्चित पल बन गया।